Dr. V. P. Venugopalan, former Outstanding Scientist and Director, Bioscience Group, Bhabha Atomic Research Centre, took charge as Chairman, AEES, in the forenoon of 15 Nov 2021.

After completing his masters from the Cochin University of Science and Technology, Dr . Venugopalan obtained his Ph.D. from the National Institute of Oceanography, Goa. Subsequently, he did his post-doctoral research (as a DBT Overseas Fellow) at the Technical University of Munich, Germany. In the initial years after joining BARC in 1989, he worked on the operational (biofouling and biofilm) and environmental (thermal discharge from condensers) issues relating to cooling water systems of coastal nuclear power plants in India. Later on, his major contribution was in the area of environmental biotechnology, particularly in development of biological wastewater treatment schemes. His research efforts in the above areas have resulted in more than 150 publications and three patents. For the past several years, he has been serving as a member of the DAE Advisory Committee on Steam and Water Chemistry (COSWAC). As Director of the Bioscience Group, BARC, he focused his attention on the application of nuclear techniques for the development of new crop varieties and preservation of perishable agricultural produce. He is a Senior Professor in the Homi Bhabha National Institute, a deemed-to-be University under the DAE umbrella. As a research supervisor in various universities, he has produced eleven PhDs.

After superannuation, he has been serving the Department of Atomic Energy as a Raja Ramanna Fellow.

डॉ. वी. पी. वेणुगोपालन, पूर्व उत्कृष्ट वैज्ञानिक और निदेशक, जीवविज्ञान समूह, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्रने 15 नवंबर,2021 पूर्वाह्न को अध्यक्ष, परमाणु ऊर्जा शिक्षण संस्‍था के रूप में कार्यभार संभाला।
कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्‍नोलॉजी से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद, डॉ. वेणुगोपालन ने राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, गोवा सेविद्या वाचस्‍पति की उपाधि प्राप्‍त की। इसके बाद, आपनेम्यूनिख तकनीकी विश्वविद्यालय, जर्मनी से डॉक्टरेट के आगे का शोध कार्य (डीबीटी ओवरसीज फेलो के रूप में) किया। वर्ष 1989 में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में नियुक्ति के शुरुआती वर्षों में, आपने भारत में तटीय परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की शीतलन जल प्रणालियों से संबंधित परिचालन (बायोफाउलिंग और बायोफिल्म) और पर्यावरण (कंडेनसरों से थर्मल डिस्चार्ज) विषयों पर काम किया। आगे, आपका प्रमुख योगदान क्षेत्र पर्यावरणीय जैव प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से जैविक अपशिष्ट जल उपचार योजनाओं का विकास रहा। उपर्युक्‍त क्षेत्रों में आपके अनुसंधान प्रयासों के फलस्‍वरूप 150 से अधिक प्रकाशन और तीन पेटेंट प्राप्‍त हुए हैं। पिछले कई वर्षों से, आप भाप और जल रसायन विज्ञान पर प.ऊ.वि. सलाहकार समिति (सीओएसडब्‍ल्‍यूएसी) के सदस्य के रूप में सेवारत हैं। जीवविज्ञान समूह, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के निदेशक के रूप मेंआपने फसलोंकी नई किस्मों के विकास और खराब हो सकने वाली कृषि उपज के संरक्षण के लिए परमाणु तकनीकों के अनुप्रयोग पर अपना ध्यान केंद्रित किया। आप होमी भाभा राष्ट्रीय संस्थान जो कि प.ऊ.वि. के अंतर्गत एक मानित विश्‍वविद्यालय है, में एक वरिष्ठ प्रोफेसर हैं। विभिन्न विश्वविद्यालयों में एक शोध पर्यवेक्षक के रूप मेंआपके मार्गदर्शन में ग्यारह पीएचडी उपाधि प्रदान की गईं।

अधिवर्षिता पर सेवानिवृत्ति के बादआप राजा रमन्ना फेलो के रूप में परमाणु ऊर्जा विभाग में सेवारत हैं।

 
chairman
 
Dr. V. P. Venugopalan
Chairman, AEES

Address & Contact Numbers:

Chairman
Atomic Energy Education Society
Central Office, Western Sector, Anushaktinagar,
Mumbai-400 094
Tele Nos:(022)25509730
Fax : (022)25556923

e-mail:
chairman-aees[at]nic[dot]in
Website: www.aees.gov.in